डॉलर के आगे फिर टूटा रुपया, पहली बार 96.25 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

Indian Rupee में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 96.25 प्रति डॉलर तक फिसल गया, जिससे बाजार में चिंता का माहौल बन गया। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भारतीय मुद्रा पर लगातार दबाव बना रहे हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.19 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह और कमजोर होकर 96.25 तक पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 44 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले शुक्रवार को भी रुपया बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ था और 95.81 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर साफ दिखाई दे रहा है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपये पर दबाव और गहरा हो जाता है।

इस बीच छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स भी बढ़त के साथ 99.32 पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी निवेशकों का रुझान अमेरिकी बाजारों की ओर बढ़ रहा है, जिससे भारतीय बाजारों से पूंजी निकासी का खतरा भी बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में रुपये पर और दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में हस्तक्षेप की उम्मीद भी जताई जा रही है, ताकि मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सके।

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