देहरादून। गणेश जोशी ने पेट्रोल-डीजल की बचत और ईंधन संरक्षण को लेकर अनोखी पहल करते हुए सरकारी वाहन की बजाय स्कूटी से अपने कैंप कार्यालय पहुंचकर लोगों को खास संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आमजन से संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की।
गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय वाहन का उपयोग नहीं किया। इसके बजाय वह दोपहिया वाहन स्कूटी से कैंप कार्यालय पहुंचे। मंत्री का यह कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और इसे ईंधन बचत को लेकर प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
गणेश जोशी ने कहा कि पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के चलते ऊर्जा संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अनावश्यक ईंधन खपत से बचे और जरूरत के अनुसार ही संसाधनों का उपयोग करे। उन्होंने कहा कि यदि आम लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाएं, तो इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने सार्वजनिक परिवहन और दोपहिया वाहनों के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक बचत का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से भी जुड़ा हुआ है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में मंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस प्रकार के संदेश समाज में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और जनता को प्रेरित करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच ऊर्जा संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बेहद जरूरी है। ऐसे में सरकार और जनप्रतिनिधियों की पहल आम लोगों को जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर सकती है।