नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को राहत देते हुए कहा है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार के मुताबिक ईंधन सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पेट्रोल पंप या रिटेल आउटलेट पर स्टॉक खत्म होने की कोई सूचना नहीं मिली है। घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप बिना किसी रुकावट के काम कर रही हैं।
सरकार के अनुसार पिछले तीन दिनों में 1.26 करोड़ एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1.14 करोड़ सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए हैं। इसी अवधि में 17 हजार टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी और 762 टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी की बिक्री दर्ज की गई है। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की भी भारी मांग देखने को मिली, जिनमें 1.40 लाख से ज्यादा सिलेंडर बेचे गए।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से देशभर में लगभग 93 विशेष कैंप लगाए गए, जहां 2,100 से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री की गई। सरकार का कहना है कि सभी जरूरी व्यवस्थाएं लगातार मॉनिटर की जा रही हैं ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने कहा कि सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं।
वहीं, बंदरगाह एवं जलमार्ग मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री परिचालन सामान्य रूप से जारी है।