इस्लामाबाद। Osama bin Laden को मार गिराने वाले अमेरिकी ऑपरेशन से जुड़ा एक नया खुलासा एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के एबटाबाद में स्थित उस रहस्यमयी कंपाउंड से अमेरिकी नेवी सील कमांडो 13 खास ईंटें अपने साथ ले गए थे। अब अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने उन ईंटों में से एक की तस्वीर सार्वजनिक की है, जिसके बाद इस पूरे ऑपरेशन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
सीआईए के मुताबिक, इन ईंटों पर अंग्रेजी के अक्षर ‘A’, ‘M’ और ‘S’ लिखे हुए थे। जांच एजेंसियों को शक था कि ये किसी गुप्त कोड या संदेश का हिस्सा हो सकते हैं। इसलिए इन्हें सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा गया। बताया गया कि ऑपरेशन में शामिल अमेरिकी नेवी सील कमांडो ने पहली ईंट तत्कालीन सीआईए निदेशक लियोन पैनेटा को भेंट की थी। यह ईंट अब सीआईए म्यूजियम में सुरक्षित रखी गई है।
दरअसल, 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमले के बाद से अमेरिकी एजेंसियां लगातार ओसामा बिन लादेन की तलाश में जुटी थीं। करीब दस साल तक वह दुनिया की नजरों से छिपा रहा। वर्ष 2011 में सीआईए को सूचना मिली कि ओसामा पाकिस्तान के एबटाबाद में एक बेहद सुरक्षित परिसर में रह रहा है।
कई दिनों की गुप्त निगरानी के बाद अमेरिका ने ‘ऑपरेशन नेप्च्यून स्पियर’ शुरू किया। इस मिशन को अमेरिकी नेवी सील कमांडो ने अंजाम दिया। अफगानिस्तान से हेलीकॉप्टरों के जरिए कमांडो एबटाबाद पहुंचे और कंपाउंड में घुसकर तीसरी मंजिल पर मौजूद ओसामा को मार गिराया।
ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी टीम ने हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव, दस्तावेज और हथियार भी बरामद किए। इन्हीं सामानों में वे 13 रहस्यमयी ईंटें भी शामिल थीं। सीआईए म्यूजियम में आज भी ओसामा की एके-47 राइफल और उसके कंपाउंड का मॉडल रखा गया है। यह मिशन अमेरिकी खुफिया इतिहास के सबसे सफल अभियानों में गिना जाता है।