कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ राज्य की सत्ता का केंद्र भी बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन का मुख्यालय रहा नबान्न अब नई सरकार का स्थायी ठिकाना नहीं रहेगा। चुनाव में जीत के बाद बीजेपी राज्य सचिवालय को हावड़ा स्थित नबान्न से वापस ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग में शिफ्ट करने की योजना बना रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को नबान्न में कार्यवाहक मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला से मुलाकात कर इस फैसले की जानकारी दी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद सरकार का कामकाज कोलकाता स्थित राइटर्स बिल्डिंग से शुरू किया जाएगा। हालांकि बीजेपी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं किया है।
बीजेपी का कहना है कि राइटर्स बिल्डिंग बंगाल की राजनीतिक और प्रशासनिक विरासत का प्रतीक रही है। समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी 2021 से ही यह घोषणा करती आ रही है कि सरकार राइटर्स बिल्डिंग से चलाई जाएगी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भी इसका जिक्र किया था।
करीब 250 साल पुरानी राइटर्स बिल्डिंग कभी ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिश शासन का प्रशासनिक केंद्र रही। आजादी के बाद भी अक्टूबर 2013 तक पश्चिम बंगाल सरकार का सचिवालय यहीं संचालित होता रहा। ममता बनर्जी ने 2011 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद यहीं से कार्यभार संभाला था, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों और जीर्णोद्धार कार्य का हवाला देते हुए सचिवालय को अस्थायी रूप से नबान्न स्थानांतरित कर दिया गया।
सरकार ने इमारत के नवीनीकरण के लिए करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए थे, लेकिन काम पूरी तरह पूरा नहीं हो सका। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल केवल ब्लॉक 1 और 2 ही उपयोग के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए दूसरी मंजिल को तैयार कर लिया गया है।
इस बीच कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने भी राइटर्स बिल्डिंग का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य की समीक्षा की। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नई सरकार वास्तव में ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से शासन शुरू करेगी।