मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। Iran, United States और Israel के बीच बढ़ती तनातनी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जहां एक ओर कूटनीतिक स्तर पर शांति की कोशिशें जारी हैं, वहीं समुद्री मार्गों पर हमले और नाकेबंदी से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
ताजा घटनाक्रम में, दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग Strait of Hormuz के पास एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, कई छोटी नावों ने जहाज को निशाना बनाया। हालांकि चालक दल सुरक्षित बताया गया है, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है।
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने की घोषणा की है। साथ ही अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात भी कही गई है। गौरतलब है कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का व्यापार इसी मार्ग से होता है, ऐसे में किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ना तय है।
इस बीच, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 30 दिनों के भीतर विवाद सुलझाने की बात कही गई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका फिलहाल किसी भी बड़ी रियायत के मूड में नहीं है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम से ईरान के तेल भंडारण पर असर पड़ रहा है और उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
इसी बीच Oman और पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हैं। पर्दे के पीछे जारी बातचीत इस ओर इशारा करती है कि तनाव के बीच समाधान की तलाश भी जारी है।
फिलहाल, सैन्य गतिविधियां, आर्थिक दबाव और कूटनीतिक प्रयास—इन तीनों के बीच मिडिल ईस्ट का यह संकट आने वाले दिनों में वैश्विक हालात को प्रभावित कर सकता है।