चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। चंदेरिया थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खाते का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि इस खाते के जरिए करीब 21.90 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के अनुसार, साइबर अपराधों की जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर खंगाली गई। इसमें एक एसबीआई खाते को संदिग्ध पाया गया, जो अलग-अलग राज्यों में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा था।
जांच में पता चला कि इस खाते के माध्यम से महाराष्ट्र में 5.80 लाख रुपये, तमिलनाडु के चेन्नई में 2.10 लाख रुपये और अन्य स्थानों पर भी बड़ी रकम की ठगी की गई थी। पुलिस ने इस खाते के धारक बालूराम लौहार को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसका परिचित श्रवण सुहालका उसे अवैध पैसे खाते में मंगवाने के लिए राजी करता था। बदले में उसे 30 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया गया था। इस लालच में आकर आरोपी ने अपने खाते में रकम मंगवाई और बाद में चेक के जरिए निकालकर कमीशन रखकर शेष राशि साथी को सौंप दी।
पुलिस जांच में दोनों आरोपियों की साइबर ठगी में संलिप्तता सामने आने के बाद मामला दर्ज कर बालूराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दूसरे आरोपी की तलाश जारी है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कमीशन के लालच में आकर कई लोग अनजाने में बड़े अपराध का हिस्सा बन जाते हैं।