नोएडा, उत्तर प्रदेश के Noida में हाल ही में हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त Laxmi Singh ने कहा कि यह प्रदर्शन अचानक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम को संगठित करने के लिए कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। इन ग्रुप्स में मजदूरों को जोड़ने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि इसके पीछे एक व्यवस्थित नेटवर्क सक्रिय था।
घटना के बाद पुलिस ने अब तक 7 एफआईआर दर्ज कर 396 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि हिंसा फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया गया है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ व्हाट्सएप चैट भी मिले हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को उकसाने के संकेत मिलते हैं। इन संदेशों में लोगों को घरों से लाल मिर्च पाउडर लाने और पुलिस पर हमले के लिए प्रेरित किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदर्शन को हिंसक बनाने की पूर्व योजना बनाई गई थी।
पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में फंडिंग के स्रोतों की जांच की जा रही है। उन्होंने विदेशी फंडिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया और कहा कि यदि बाहरी आर्थिक सहयोग के सबूत मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।