नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने शुक्रवार को भारतीय संसदीय इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया। राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते ही वे देश के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। यह उपलब्धि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद दुर्लभ मानी जा रही है।
राज्यसभा में उन्हें उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री J. P. Nadda, Nirmala Sitharaman, Arjun Ram Meghwal सहित बिहार एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। समारोह के दौरान सदन का माहौल हल्का-फुल्का भी रहा। शपथ के बाद राज्यसभा सांसद Sanjay Jha ने हस्ताक्षर के लिए उन्हें पेन दिया, जिस पर नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए बोले, “हो गया… चलें?” इसके बाद उन्होंने फोटो सेशन के लिए भी रुककर सभी का अभिवादन किया।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर लंबे अनुभव और कई अहम जिम्मेदारियों से भरा रहा है। वे पहले लोकसभा सांसद रह चुके हैं, साथ ही बिहार विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं। अब राज्यसभा में प्रवेश के साथ उनका संसदीय अनुभव और अधिक व्यापक हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि संसदीय लोकतंत्र में उनके लंबे और बहुआयामी योगदान का प्रतीक है। ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति में नए समीकरण और एनडीए की रणनीतियां चर्चा में हैं, नीतीश कुमार की यह उपलब्धि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम मानी जा रही है।