महिला आरक्षण पर कांग्रेस का बड़ा हमला, पीएम मोदी पर जयराम रमेश ने क्यों साधा निशाना?

नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया लेख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे चुनावी रणनीति करार दिया है। कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर यू-टर्न लिया है।

जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना है कि जब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था, तब कांग्रेस ने इसकी मांग की थी कि इसे 2024 से लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इसकी प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा कर दिया।

रमेश ने दावा किया कि अब, जब भाजपा को आगामी चुनावों में हार की आशंका दिखाई दे रही है, तब 30 महीने बाद प्रधानमंत्री ने अपना रुख बदल लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब जनगणना आधारित परिसीमन की शर्त को नजरअंदाज कर रही है, जबकि पहले यही उसकी मुख्य दलील थी। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जनगणना आयुक्त पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जनगणना के परिणाम 2027 तक सामने आ जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की महिला मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार बना रही है। कांग्रेस के मुताबिक, इन राज्यों में भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए महिला आरक्षण को चुनावी एजेंडा बनाया जा रहा है।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में कहा था कि महिला आरक्षण केवल विधायी बदलाव नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं का सम्मान है। उन्होंने सभी सांसदों से इस ऐतिहासिक कदम के समर्थन की अपील भी की थी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.