देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित फार्मर आईडी विकास संबंधी समीक्षा बैठक में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। यह बैठक देशभर में किसानों के लिए एकीकृत डिजिटल पहचान प्रणाली तैयार करने की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फार्मर आईडी परियोजना को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल पहचान प्रणाली लागू होने से कृषि क्षेत्र में डेटा आधारित निर्णय लेना भी आसान होगा।
इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड में फार्मर आईडी के कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार किसानों के पंजीकरण, भूमि विवरण और अन्य आवश्यक सूचनाओं के सत्यापन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों का डेटा समय रहते अपडेट कर उन्हें शीघ्र फार्मर आईडी जारी की जाए।
उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी लागू होने के बाद किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं—जैसे सब्सिडी, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सहायता—का लाभ एक ही पहचान के माध्यम से प्राप्त हो सकेगा। इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि किसानों को बार-बार दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की परेशानी से भी राहत मिलेगी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को फार्मर आईडी के महत्व और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।