देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभागिता कर प्रदेशवासियों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में भाग लेना जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य और उनका मार्गदर्शन व्यक्ति को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
इस अवसर पर उन्होंने कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन भक्ति, साधना और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के उपदेश समाज को संस्कार, सद्भाव और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंदिरों, तीर्थस्थलों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और विश्व शांति के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित संतजनों और श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए आयोजन की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को नैतिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।