देहरादून। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और असमान वितरण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुसार, पूरे जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) गठित की गई है। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी गैस की होम डिलीवरी 100% हो और कोई भी ग्राहक गैस से वंचित न रहे।
क्यूआरटी टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय निरीक्षण अभियान शुरू किया। टीमों ने स्थानीय गैस एजेंसियों का दौरा करते हुए गैस की उपलब्धता, आपूर्ति की नियमितता और वितरण की गुणवत्ता की पूरी तरह जांच की। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी एजेंसी द्वारा कालाबाजारी न हो और एलपीजी सिलेंडर निर्धारित समय पर ग्राहकों तक पहुंचे।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने अधिकारियों और टीमों को निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त न करें। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस आम जनता की जरूरत है और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग रहेगा। साथ ही, टीमों को ग्राहकों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने और आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
क्यूआरटी निरीक्षण अभियान के तहत सभी एजेंसियों की रेकॉर्डिंग, डिलीवरी रिपोर्ट और स्टॉक स्थिति की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की गैस की कालाबाजारी की जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
इस पहल से जिले में एलपीजी गैस वितरण में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आम नागरिक को समय पर गैस मिले और कालाबाजारी के मामलों में कमी आए।