देहरादून। शहर में रोड कटिंग के बाद सड़कों के पुनर्स्थापन कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए गुरुवार सुबह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान पंकज पाण्डेय, सचिव लोक निर्माण विभाग, ने जिलाधिकारी सविन बंसल तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विभिन्न प्रमुख स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ और शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों—दिलाराम चौक, सहस्त्रधारा रोड, आईएसबीटी, हरिद्वार बाईपास, बल्लूपुर चौक, बिंदाल पुल सहित अन्य स्थानों—का दौरा किया गया। अधिकारियों ने रोड कटिंग के बाद किए गए रेस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता, मलबे की स्थिति और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधिकांश स्थानों पर सड़कों का पुनर्स्थापन संतोषजनक है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में कार्य मानकों के अनुरूप नहीं था। कई जगहों पर मलबा सड़क पर ही पड़ा मिला, जिससे दुर्घटना और जाम की आशंका बनी हुई थी। इस पर सचिव ने संबंधित कार्यदायी एजेंसियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि रोड कटिंग के लिए दी गई अनुमति की सभी शर्तों का पूर्ण रूप से पालन अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि निर्माण कार्यों से आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होते ही सड़कों का तुरंत और गुणवत्तापूर्ण पुनर्स्थापन किया जाए तथा मलबे का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सविन बंसल ने कहा कि विकास कार्यों के लिए रोड कटिंग आवश्यक होती है, लेकिन इसके लिए तय बजट, समयसीमा और गुणवत्ता मानकों का पालन करना सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर पर रोड कटिंग समिति का गठन किया गया है, जो समय-समय पर कार्यों की समीक्षा करती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि किसी एजेंसी द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन किया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।