नई दिल्ली, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए देशवासियों को साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए व्यक्ति के भीतर आत्मबल और संकल्प का होना अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से यह संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि जो व्यक्ति साहस और आत्मविश्वास से भरा होता है, उसके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी इच्छाशक्ति के बल पर पार किया जा सकता है।
अपने संदेश में उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया—
“एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम्।
तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥”
इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे एक अकेला सिंह हजारों हाथियों के झुंड को भी परास्त करने की क्षमता रखता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर व्यक्ति के भीतर असीम क्षमता छिपी होती है, जिसे पहचानकर वह जीवन में बड़ी से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि व्यक्ति को हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। आत्मविश्वास और साहस के साथ लिया गया हर कदम सफलता की ओर ले जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने भीतर छिपी शक्ति को पहचानें, आत्मनिर्भर बनें और समाज तथा देश के विकास में योगदान दें। उनका यह संदेश युवाओं के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक माना जा रहा है, जो अपने भविष्य को संवारने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।