साहिया स्थित सरदार महिपाल राजेन्द्र जनजातीय पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ग्राम ककाड़ी में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पाँचवें दिन “आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार” विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयंसेवियों को समाज सेवा के साथ-साथ आपदा या आकस्मिक परिस्थितियों में प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने स्वयंसेवियों को आपदा से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। प्रशिक्षण सत्र में एनडीआरएफ के एसआई अजय भाटिया, सुनील बिष्ट, हेड कांस्टेबल सतपाल सिंह, कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल राजेश नौटियाल और कांस्टेबल जितेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह और उनकी टीम ने स्वयंसेवियों को कई महत्वपूर्ण जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दी। इसमें बेहोशी की स्थिति में प्राथमिक उपचार देने की विधि, वयस्क और शिशु की नब्ज़ जांचने की प्रक्रिया, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने की तकनीक और रोप रेस्क्यू जैसे महत्वपूर्ण बचाव उपाय शामिल थे। टीम ने इन सभी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन कर स्वयंसेवियों को अभ्यास भी कराया।
शिविर के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न अभ्यास भी कराए गए, जिससे स्वयंसेवियों में संकट की घड़ी में तुरंत सहायता पहुंचाने की क्षमता विकसित हो सके। इस प्रशिक्षण से स्वयंसेवियों में साहस, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूती मिली।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की उप-प्राचार्य डॉ. प्रियंका जलाल, डॉ. चन्द्रिका, डॉ. रेणू देवी और कार्यक्रम अधिकारी वरुण सेमवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवियों को समाज सेवा और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
एनएसएस शिविर के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने छात्रों को आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।