11 साल तक रोज सुबह 4 बजे कविता लिखने का अनोखा रिकॉर्ड, रुड़की के साहित्यकार का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

रुड़की के वरिष्ठ साहित्यकार एवं विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. श्रीगोपाल नारसन का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। उन्हें यह सम्मान पिछले 11 वर्षों से प्रतिदिन एक आध्यात्मिक कविता लिखने और उपभोक्ता कानून जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रदान किया गया है।

यूनाइटेड किंगडम से जारी प्रमाणपत्र में यूरोपियन यूनियन हेड डॉ. लिवान जसिनिया और इंटरनेशनल चेयरमैन डॉ. डी. साकुंडे ने उनकी इस अद्वितीय उपलब्धि की सराहना की है। डॉ. नारसन प्रतिदिन अमृत बेला में सुबह 4 बजे ब्रह्माकुमारीज के विचारों से प्रेरित होकर 12 पंक्तियों की आध्यात्मिक एवं सदाचार से जुड़ी कविता लिखते हैं। उल्लेखनीय है कि बीते 11 वर्षों में उन्होंने एक भी दिन कविता लेखन का क्रम नहीं छोड़ा। इसी निरंतरता और समर्पण को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी गई है।

डॉ. नारसन न केवल साहित्य साधना में सक्रिय हैं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे विभिन्न मंचों के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता कानूनों की जानकारी देकर जागरूक कर रहे हैं।

उनकी इस उपलब्धि से साहित्य जगत में हर्ष का माहौल है। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड और हिंदी साहित्य के लिए भी गर्व का विषय है। डॉ. नारसन की साधना, अनुशासन और समाजसेवा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

 

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