नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के चैरिटी बाजार से कैसे बदल रही महिलाओं की ज़िंदगी?
देहरादून में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (एनएपीएसआर) द्वारा संचालित चैरिटी बाजार एवं प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस केंद्र में महिलाएं नए और पुराने कपड़ों से उपयोगी एवं आकर्षक उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिन्हें बाजार में बेचकर आय अर्जित की जा रही है।
संस्था द्वारा उत्पादों की बिक्री से प्राप्त राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा निर्धन बालिकाओं की छात्रवृत्ति, उनके विवाह तथा महिलाओं में उत्पन्न होने वाली हाइजीन संबंधी समस्याओं के उपचार पर खर्च किया जाता है। यह पहल न केवल रोजगार सृजन कर रही है, बल्कि सामाजिक सरोकारों को भी मजबूती दे रही है।
इन्हीं महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड लोकभवन में आयोजित तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी में संस्था की ओर से स्टॉल लगाया गया है। प्रदर्शनी में प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं द्वारा तैयार हैंडबैग, फुटमैट, कपड़े, पहाड़ी औषधीय उत्पाद, नमक, नमकीन, कांजी, पंचरत्न, नींबू चटनी, रोस्टेड भट्ट और पीनट्स जैसे उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अलावा वॉशेबल ऑयल पेंटिंग्स, कॉस्मेटिक उत्पाद, चोको डिप और ब्राउनी भी प्रदर्शित किए गए हैं।
संस्था की ओर से बीना शर्मा, कविता खान, अनुराधा भान, अफसाना सुल्तान, कुसुम नौटियाल, अनिता सिंघल और मोहिनी धीमान सहित कई महिलाएं निःशुल्क सेवाएं दे रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।