देहरादून। उत्तराखंड को वित्तीय सुधारों और पारदर्शी शासन व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राज्य को 350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** ने इसे राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और राजकोषीय अनुशासन का प्रतिफल बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते वर्षों में कर संग्रह बढ़ाने, अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण रखने और बजटीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत किया गया है, जिससे राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आई है और वित्तीय लेन-देन अधिक व्यवस्थित हुए हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब प्रोत्साहन राशि के रूप में सामने आया है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने न केवल वित्तीय सुधारों में बल्कि प्रशासनिक सुधारों में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। इससे पहले भी राज्य को खनन क्षेत्र में पारदर्शी नीतियां लागू करने, ई-टेंडरिंग व्यवस्था को सशक्त बनाने और ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग में किए गए सुधारों को भी सराहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तराखंड सुधार आधारित शासन मॉडल को अपनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता की इस प्रक्रिया को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाया जाए, ताकि राज्य की विकास यात्रा निरंतर जारी रहे।
राज्य सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त संसाधन से विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी और जनकल्याणकारी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सकेगा।
