डीएम सविन बंसल का सख्त आदेश: फीस के अभाव में किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकेगी

देहरादून। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कर दिया है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा बाधित नहीं होने दी जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम में 191 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें भूमि विवाद, सीमांकन, अवैध कब्जा, आर्थिक सहायता, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं।

जनसुनवाई के दौरान कई विधवा महिलाओं ने अपने बच्चों की शिक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। धर्मपुर निवासी विधवा पिंकी सैनी ने बताया कि पति के निधन के बाद आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई है और वह अपनी पुत्री नंदिता की विद्यालय फीस जमा करने में असमर्थ हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ योजना के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नंदिता की पढ़ाई निरंतर जारी रखी जाए।

इसी प्रकार चन्द्रबनी निवासी विधवा बविता सिंह ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट के चलते उनके तीनों बच्चों की पढ़ाई रुक गई है। बच्चे पूर्व में दून बैन्टेज स्कूल में अध्ययनरत थे, लेकिन फीस जमा न होने के कारण विद्यालय द्वारा उनका स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी नहीं किया जा रहा है। इस पर डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि तीनों बच्चों का टीसी तत्काल दिलाया जाए और उनका प्रवेश निकटवर्ती राजकीय विद्यालय में सुनिश्चित किया जाए।

विन्दाल निवासी विधवा अलीशा खत्री ने भी शिकायत की कि उनका पुत्र एसजीआरआर विद्यालय में कक्षा 9 का छात्र है, लेकिन पिछले आठ महीनों से फीस जमा न होने के कारण उसे परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामले की जांच कर छात्र की शिक्षा प्रभावित न होने दी जाए।

इसके अलावा नालापानी चौक निवासी विधवा सुनीता शर्मा ने संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला उठाया, जो सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन को त्वरित राहत देना है और विशेष रूप से शिक्षा जैसे संवेदनशील विषयों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम स्मृता परमार और एसडीएम अपर्णा ढौडियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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