असम की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब असम प्रदेश कांग्रेस समिति (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। प्रदेश भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित कार्यक्रम में असम भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद दिलीप सैकिया की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया।
भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर मंत्री जयंत मल्ल बरुवा, सांसद प्रदान बरुवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में बोरा ने कहा कि उनका यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने जनता की सेवा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। उन्होंने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस में उनकी स्थिति कर्ण जैसी हो गई थी। “मैं राजीव भवन से वाजपेयी भवन तक सराइघाट के मैदान की भूमिका निभाऊंगा,” उन्होंने कहा।
भूपेन बोरा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत असम प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में की थी। वे 2006 और 2011 में बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में वे सरकार के प्रवक्ता और संसदीय सचिव भी रहे। 2021 में उन्हें असम प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
उनके भाजपा में शामिल होने को विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस का दावा है कि इससे पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे संगठनात्मक कमजोरी और बढ़ सकती है।
इस मौके पर डॉ. संजू बरुवा समेत कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भूपेन बोरा ने संकेत दिया कि उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कांग्रेस के और भी बड़े चेहरे भाजपा का दामन थाम सकते हैं।