देहरादून। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत विकासखंड चकराता की दूरस्थ न्याय पंचायत दसऊ में शुक्रवार को बहुउद्देशीय जनकल्याण शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी **अभिनव शाह** ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से 735 से अधिक ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।
शिविर में नशामुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित लोगों को मादक पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। कृषि विभाग द्वारा किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर आधुनिक कृषि उपकरण वितरित किए गए। किसान जगतराम शर्मा, हरपाल सिंह और कपिल लाल को पावर वीडर, गजेन्द्र नौटियाल को ब्रश कटर तथा जयपाल सिंह को चेक कटर मशीन दी गई।
बाल विकास विभाग ने तीन महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और दस किशोरियों को किशोरी किट प्रदान की। वहीं शिविर के दौरान 18 लोगों के आधार कार्ड अपडेट किए गए और आठ दिव्यांगजनों को मौके पर ही दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा इन दिव्यांगजनों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।
कार्यक्रम का भावनात्मक क्षण तब आया जब ग्राम क्वानू में हुई हिमाचल परिवहन बस दुर्घटना के दौरान 28 घायलों की जान बचाने वाले 14 स्थानीय फर्स्ट रिस्पॉन्डरों को सम्मानित किया गया। परिवहन विभाग की राहगीर योजना के तहत उन्हें प्रशस्ति-पत्र, प्रतीक-चिह्न और हेलमेट भेंट किए गए। साथ ही राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने की संस्तुति भी की गई।
सीडीओ ने ग्रामीणों की शिकायतें गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।