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सहसपुर भूमि आवंटन पर सियासी घमासान: भाजपा ने कांग्रेस से मांगा जवाब

देहरादून। सहसपुर में इस्लामिक शिक्षण संस्था के लिए आबंटित 20 एकड़ भूमि को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए सीधे जवाब मांगा है। भाजपा का कहना है कि देश के एक प्रमुख रक्षा संस्थान की आपत्ति के बावजूद यह भूमि आवंटन कैसे किया गया, इस पर कांग्रेस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि यह भूमि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आवंटित की गई थी और इसका ट्रस्ट पता बहादुर शाह ज़फर मार्ग, दिल्ली दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. महमूद असद मदनी बताए जा रहे हैं, जिनका संबंध दारुल उलूम और जमीयत उलेमा-ए-हिंद से जोड़ा जाता है। चौहान ने आशंका जताई कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान चर्चा में आई मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव से इस भूमि का कोई संबंध तो नहीं था।

चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में अवैध भूमि गतिविधियों और डेमोग्राफी में बदलाव की आशंकाओं को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रक्षा संस्थान ने आपत्ति दर्ज कराई थी, तब भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस आवंटन को रद्द क्यों नहीं किया। उनका कहना है कि पूर्व में लिए गए निर्णयों के परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि कोर्ट से राहत न मिलने के बाद वहां समुदाय विशेष को बसाने की योजना पर काम शुरू किया गया और यह तुष्टिकरण की राजनीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आबंटित भूमि पर की गई प्लॉटिंग में छोटे-छोटे प्लॉट कथित तौर पर समुदाय विशेष को ही बेचे गए हैं, जबकि हाईकोर्ट पहले ही भूमि का लैंड यूज कृषि बनाए रखने के निर्देश दे चुका है।

मनवीर सिंह चौहान ने दोहराया कि राज्य की डेमोग्राफी से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब तक “लैंड जिहाद” के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11 हजार एकड़ से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त करा चुकी है और भविष्य में भी राज्य की संस्कृति और कानून व्यवस्था की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।

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