देहरादून में दवाओं का बड़ा खेल उजागर! तीन मेडिकल फर्मों पर विधिक कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून में औषधि नियमन को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। 07 फरवरी को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ड्रग विभाग के साथ चंद्रनगर, प्रिंस चौक के समीप स्थित तीन थोक मेडिकल फर्मों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्रो. वैशाली अरोड़ा की दो मेडिकल फर्म—मेडिकोन फार्मा एवं मैनकाइंड प्राइम लैब प्राइवेट लिमिटेड—और प्रो. प्रमोद कुमार अरोड़ा की मेडिकल फर्म वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर की गहन जांच की गई। इस कार्रवाई में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक श्री मनेन्द्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक श्री विनोद जगुड़ी (देहरादून), मेघा (हरिद्वार), हार्दिक भट्ट (चमोली) एवं ऋषभ धामा (टिहरी) शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, दवाओं के रख-रखाव, एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की प्रक्रिया तथा नारकोटिक दवाओं से संबंधित नियमों की जानकारी ली गई। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। तीनों परिसरों में दवाओं का रख-रखाव मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। मेडिकोन फार्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर में दवाइयां सीधे फर्श पर रखी मिलीं, जबकि भवन की दीवारों और फर्श पर सीलन थी। कई पेटियों पर फंगस लगी हुई पाई गई, जिससे दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

सबसे चिंताजनक तथ्य यह रहा कि तीनों स्टोरों में एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। एक्सपायरी दवाओं की पेटियां अन्य दवाओं के साथ ही रखी मिलीं। पूछताछ पर स्टोर संचालक संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिस पर निरीक्षण टीम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश जारी किए।

इसके अलावा तीसरी मंजिल पर दो से तीन वर्ष पुरानी एक्सपायरी दवाओं और सर्जिकल ग्लव्स की पेटियां गिफ्ट आइटम्स के साथ रखी मिलीं, जिनका नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया था। टीम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं।

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