देहरादून।प्रदेश में कृषि और उद्यान क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। इसी क्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने महानिदेशक कृषि एवं उद्यान वंदना सिंह से योजनाओं की स्थिति, उपलब्धियों और चुनौतियों को लेकर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े किसान तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे। इसके लिए उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्राकृतिक खेती (नेचुरल फार्मिंग) और मिलेट्स मिशन को प्रदेश की कृषि नीति का अहम हिस्सा बताते हुए इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से जहां किसानों की लागत कम होगी, वहीं मिलेट्स मिशन के माध्यम से पोषण सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का भी अवसर मिलेगा।
बैठक के दौरान टेस्टिंग लैब और इंटीग्रेटेड पैक हाउस के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधाओं का विकास तेजी से किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज की गुणवत्ता जांच, भंडारण और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सके। इससे किसानों को मूल्य संवर्धन का सीधा लाभ मिलेगा और उनकी उपज को उचित दाम मिल सकेगा।
इसके अलावा कृषि मंत्री ने महानिदेशक कृषि एवं उद्यान को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार के बजट प्रावधानों के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस, व्यावहारिक और किसान हितैषी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की रूपरेखा इस प्रकार बनाई जाए, जिससे प्रदेश के अधिकतम किसान और लाभार्थी उनसे जुड़ सकें।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कृषि एवं उद्यान विभाग आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में समन्वित रूप से कार्य करेगा।