देहरादून।मुख्य सचिव **आनंद बर्द्धन** ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में **राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक** की। इस दौरान उन्होंने लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निपटान पर विशेष जोर दिया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी ज़िलाधिकारियों को **धारा 34 और 143 के वादों** के त्वरित निस्तारण हेतु अभियान चलाना चाहिए और निर्विवाद मामलों के लिए **कैम्प आयोजित** कर उन्हें जल्द से जल्द हल किया जाए।
उन्होंने चिंता व्यक्त की कि 143 के मामलों को 6 माह या उससे अधिक समय तक लंबित रखा जाना अनुचित है। इसलिए इन मामलों के निपटान के लिए **45 दिन का समय** निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, मुख्य सचिव ने प्रत्येक जनपद में सबसे पुराने पांच मामलों की पहचान कर, उनके निस्तारण पर नियमित कार्यवाही करने का निर्देश दिया। हर माह बैठक आयोजित कर पुराने मामलों को निपटाया जाएगा और उनकी जगह नए पुराने मामले शामिल किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश भर में **5 वर्षों से लंबित कुल 1760 मामलों** में से **10 प्रतिशत मामलों को मार्च 2026 तक निपटाया जाना** चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को **प्रशस्ति पत्र** प्रदान किया जाएगा और उनकी उपलब्धि वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में भी दर्ज की जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव **आर. मीनाक्षी सुंदरम**, सचिव **एस.एन. पाण्डेय**, राजस्व परिषद आयुक्त **रंजना राजगुरु**, मंडलायुक्त **दीपक रावत** और **विनय शंकर पाण्डेय** सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव का यह कदम राजस्व मामलों में पारदर्शिता और त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे नागरिकों को समय पर न्याय मिलेगा और प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार होगा।