भागीरथपुरा जल संकट: 29 मौतें, हाई कोर्ट सख्त, जांच आयोग गठित

भोपाल/इंदौर,
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला लगातार चिंता बढ़ा रहा है। मंगलवार को 63 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। बुधवार को गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अंत्येष्टि से पहले शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जाहिर की।

मृतक की पहचान 63 वर्षीय खूबचंद पिता गन्नूदास के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, उन्हें पिछले करीब 15 दिनों से उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत थी। शुरुआत में उन्हें स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाया गया, जहां दवाइयां दी गईं। मंगलवार सुबह एक बार फिर तबीयत बिगड़ने पर इलाज कराया गया, लेकिन शाम को घर लौटने के बाद उनकी हालत अचानक और खराब हो गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली, परिजन और क्षेत्रवासी सड़क पर उतर आए और शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दूषित पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

परिवार ने बताया कि खूबचंद मिल में मजदूरी करते थे और पहलवानी का भी शौक रखते थे। वे कई कुश्ती प्रतियोगिताओं में विजेता रह चुके थे। मृतक के बेटे राहुल ने कहा कि उनके पिता पूरी तरह स्वस्थ थे और नियमित रूप से कामकाज करते थे। उल्टी-दस्त की बीमारी दूषित पानी के कारण हुई, जिसने उनकी जान ले ली।

भागीरथपुरा में अब अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या घटकर 6 रह गई है। इनमें से 3 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए रिटायर्ड जज सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया है। आयोग को चार सप्ताह के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.