गंगा के तट पर भक्तिमय संगम: मैथिली ठाकुर और मुख्यमंत्री धामी का यादगार कार्यक्रम

ऋषिकेश।
मुख्यमंत्री **श्री पुष्कर सिंह धामी** ने आज **भरत मंदिर, ऋषिकेश** में आयोजित **वसंतोत्सव 2026 – मैथिली ठाकुर नाइट** में सम्मिलित होकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गंगा के पावन तट पर आयोजित इस भव्य एवं भक्तिमय आयोजन में साधु-संत, स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गंगा के श्रीचरणों में नमन करते हुए मैथिली ठाकुर जैसे प्रतिभाशाली कलाकार का ऋषिकेश आगमन सौभाग्य का विषय है। उन्होंने आयोजकों और **ऋषिकेश बसंतोत्सव समिति** को भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

धामी ने कहा कि यह वसंतोत्सव केवल भजन संध्या नहीं, बल्कि संस्कृति, संगीत और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम है। उन्होंने मैथिली ठाकुर की **प्रतिभा, साधना और समाज सेवा** की सराहना की और कहा कि उन्होंने मधुबनी और भोजपुरी लोक संगीत को युवाओं तक पहुँचाकर संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। वर्ष 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा **‘कल्चरल एंबेसडर ऑफ द ईयर’** अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को उजागर करते हुए कहा कि यह भूमि योग और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार **केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और यमुना तीर्थ पुनरुद्धार** जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है।

धामी ने कहा कि गीत और संगीत केवल कला नहीं, बल्कि समाज और धर्म से जोड़ने का माध्यम हैं। मैथिली ठाकुर जैसे कलाकार युवाओं को प्रेरणा देते हैं कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और संस्कृति के संरक्षण में योगदान दें। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने संगीत, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुति का आनंद लिया।

 

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