बसंत पंचमी पर तय हुई बदरीनाथ धाम की तिथि, 7 अप्रैल से गाडू घड़ा यात्रा

नरेंद्र नगर/ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड में आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल **श्री बदरीनाथ धाम** के कपाट इस वर्ष गुरुवार **23 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट** पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं परंपरानुसार **तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा** का शुभारंभ मंगलवार **7 अप्रैल** से किया जाएगा।

कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण बसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजदरबार में विधि-विधान के साथ किया गया। श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष **हेमंत द्विवेदी** ने बताया कि तिथि घोषित होते ही आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यात्रा व्यवस्थाओं, सुविधाओं और व्यवस्थापन से जुड़ी कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा के साथ-साथ मुख्य यात्रा सीजन की तैयारियों पर विशेष फोकस रहेगा।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कपाट खुलने की घोषणा पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए चारधाम यात्रा के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना मंदिर समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कपाट तिथि निर्धारण के अवसर पर टिहरी राजमहल में प्रातः साढ़े दस बजे से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। दोपहर बाद महाराजा **मनुजयेंद्र शाह** की उपस्थिति में पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके पश्चात राजपुरोहित **आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल** ने पंचांग गणना और महाराजा की जन्मकुंडली का अवलोकन कर विधिवत रूप से कपाट खुलने की तिथि घोषित की। इसी के साथ गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि भी निर्धारित की गई।

इससे पूर्व श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों द्वारा गाडू घड़ा तेल कलश राजमहल को सौंपा गया। कार्यक्रम में सांसद **माला राज्यलक्ष्मी शाह**, बदरीनाथ धाम के रावल **अमरनाथ नंबूदरी**, बीकेटीसी उपाध्यक्ष, अधिकारी, मंदिर समिति सदस्य, धर्माधिकारी, तीर्थ पुरोहित एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का माहौल बन गया है।

 

 

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