देहरादून। प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को उन्होंने अपने शासकीय आवास पर कृषि एवं उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और जमीनी हालात की विस्तार से जानकारी ली।
बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने स्पष्ट कहा कि बारिश न होने से प्रदेश के कई जिलों में फसलें प्रभावित हुई हैं, लेकिन विभाग की ओर से प्रस्तुत किए गए आंकड़े वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शा रहे हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मंत्री ने कहा कि किसानों से जुड़ा कोई भी मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से सर्वे कराया जाए और बारिश के अभाव में हुई फसल क्षति का सटीक आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण जिलेवार होना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन क्षेत्रों में किस फसल को कितना नुकसान हुआ है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगे किसानों को राहत देने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मंत्री गणेश जोशी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सर्वेक्षण या रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलत जानकारी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह गंभीर है और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मौसम की मार झेल रहे किसानों को समय पर सहायता कैसे दी जाए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में जाकर किसानों से सीधे संवाद करें और वास्तविक समस्याओं को समझें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों को संकट के समय अकेला नहीं छोड़ेगी और नुकसान के आकलन के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
समीक्षा बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समय सीमा के भीतर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत पहुंचाई जा सके।