देहरादून। प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत शैक्षणिक डाटा डिजी लॉकर (DG Locker) पर अपलोड किया जाए, ताकि अंकपत्र और उपाधियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।
सोमवार को सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी और सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक सभी वर्तमान और पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से डीजी लॉकर पर अपलोड कर दिए जाएं। उन्होंने पुराने शैक्षणिक सत्रों के लैगेसी डाटा को भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से डिजी लॉकर पर अपलोड करने के निर्देश दिए। इसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन और मंत्रालय को उपलब्ध करानी होगी।
बैठक में विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर पदों को लेकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी रिक्त पदों के सापेक्ष आगामी 10 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से भर्ती विज्ञापन जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पदों का समय पर भरा जाना बेहद जरूरी है।
डॉ. धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालयों को विभिन्न उद्योगों के साथ एमओयू करने के निर्देश भी दिए, ताकि छात्र-छात्राओं को संबंधित विषयों में औद्योगिक प्रशिक्षण मिल सके। इस संबंध में मासिक प्रगति रिपोर्ट शासन को देने के आदेश दिए गए। साथ ही छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी अनिवार्य किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतर-विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
बैठक में मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम 90 दिन कक्षाएं संचालित करने और समय पर परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा पैटर्न में बदलाव भी किया जा सकता है।