देहरादून। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वीबी जी राम जी योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी महानगर कार्यालय में एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को योजना की जानकारी देना और इसे जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित स्वराज विद्वान ने सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जरूरी है कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों का तेजी से और संतुलित विकास हो। उन्होंने बताया कि पूर्व की योजनाओं में विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, जिसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने विकास को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता को समझा और वीबी जी राम जी योजना को लागू किया।
स्वराज विद्वान ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाकर 125 कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में सीधा इजाफा होगा। साथ ही, मजदूरी का भुगतान अब 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान प्राप्त होगा, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल रोजगार उपलब्ध कराएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
कार्यशाला में कैंट विधायक सविता कपूर, पूर्व महापौर सुनील उनियाल ‘गामा’, श्याम अग्रवाल, सरोजनी देवी, सुरेंद्र राणा, विजेंद्र थपलियाल, राजेंद्र ढिल्लों, सुनील शर्मा, संध्या थापा, संकेत नौटियाल, राजेश कंबोज, बबलू बंसल, मोहित शर्मा, अक्षत जैन, पूनम मुंबई, जगदीश सिंबल, विनोद शर्मा, मोतीराम गौतम, संदीप बिजलवान, आशीष शर्मा, पंकज शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यशाला में कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाया जाएगा, जिससे ग्रामीण भारत सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।