माघ मेले के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व **मकर संक्रांति** के अवसर पर प्रयागराज स्थित संगम तट पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब संगम क्षेत्र की ओर उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य स्नान के लिए देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, **सुबह 8 बजे तक करीब 21 लाख श्रद्धालुओं** ने संगम में पवित्र डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद स्नान व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। घाटों पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों पर **सीसीटीवी कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)** के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं।
माघ मेला पुलिस अधीक्षक **नीरज कुमार पांडेय** ने बताया कि तड़के से ही संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं का भारी दबाव बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। श्रद्धालुओं को सुगमता से स्नान कराने के लिए पुलिस बल और स्वयंसेवक लगातार तैनात हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मेले के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। बुधवार रात से ही सभी वरिष्ठ अधिकारी मेला क्षेत्र में डटे हुए हैं। इस दौरान **अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण, पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्र, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज** सहित कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे और आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आने वाले घंटों में और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।