अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों द्वारा रविवार को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बाद कई व्यापारिक संगठनों ने बंद से दूरी बना ली, जिसके चलते बंद का प्रदेशभर में मिला-जुला असर देखने को मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न व्यापार मंडलों एवं टैक्सी-बस यूनियनों ने स्पष्ट किया कि प्रकरण में विधिसम्मत कार्रवाई प्रचलित होने के कारण वे बंद का समर्थन नहीं करेंगे। इसके चलते अधिकांश स्थानों पर व्यापारिक गतिविधियां और सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से संचालित होते रहे।
व्यापारिक संगठनों ने बंद के दौरान किसी भी प्रकार की जबरदस्ती अथवा व्यापारिक कार्यों में बाधा की आशंका जताते हुए एसएसपी देहरादून से पुलिस सुरक्षा की मांग की। वहीं प्रशासन ने भी बंद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। देहरादून के पलटन बाजार में बाजार खुला रहा, हालांकि कुछ स्थानों पर बंद का आंशिक असर भी नजर आया।
इस बीच एसएसपी देहरादून ने आमजन से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति जबरन बाजार बंद कराने, सार्वजनिक परिवहन रोकने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पौड़ी और श्रीनगर में भी उत्तराखंड बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। रविवार होने के कारण साप्ताहिक अवकाश के चलते अधिकांश दुकानें पहले से ही बंद रहीं, जबकि वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी रही।