नीती घाटी के वाइब्रेंट गांव बदलेंगे तस्वीर, शीतकालीन पर्यटन को मिलेगा नया संबल

गोपेश्वर। चीन सीमा से सटी सीमांत नीती घाटी के जनजाति बाहुल्य वाइब्रेंट गांवों की तस्वीर बदलने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बर्फीली सर्द हवाओं के बीच नीती वैली स्थित टिम्मरसैण महादेव मंदिर पहुंचकर शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने टिम्मरसैण महादेव के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति और अलौकिक आनंद की अनुभूति साझा की।

जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकाल में टिम्मरसैण महादेव पहुंचना एक अद्भुत अनुभव है। यहां की शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा मन को गहरी शांति प्रदान करती है। उन्होंने देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं से टिम्मरसैण महादेव और नीती वैली भ्रमण की अपील करते हुए कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए भी तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

डीएम गौरव कुमार ने पर्यटन विभाग द्वारा क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए विकसित की जा रही आधारभूत व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका में भी सुधार होगा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तपोवन से नीती वैली तक मार्ग में पड़ने वाले वाइब्रेंट गांवों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर सड़क कनेक्टिविटी, पेयजल आपूर्ति, राशन व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया। इस अवसर पर जोशीमठ के तहसीलदार महेंद्र आर्य ने वर्ष 2021 में रैणी गांव में आई आपदा के संबंध में डीएम को विस्तृत जानकारी दी।

डीएम ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्माणाधीन ग्लेशियर कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया और कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण में भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों को लेकर वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से स्थलीय निरीक्षण कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस दौरान राजस्व, वन और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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