देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में आज एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त और प्रतिष्ठित अधिकारियों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की गरिमामयी उपस्थिति में लगभग दो दर्जन से अधिक अनुभवी अधिकारियों ने कांग्रेस का दामन थामा। इसे राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस में शामिल हुए सभी अधिकारियों ने कहा कि वे कांग्रेस की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय नेतृत्व—राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी—की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़े हैं। उनका कहना था कि भाजपा की नीतियों से समाज का पढ़ा-लिखा और जिम्मेदार वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस को विकल्प के रूप में चुना।
कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख गणमान्य नागरिकों में पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी अखिल भारतीय बैंक अधिकारी महासंघ उत्तराखंड श्री प्रीतम सिंह आर्य, भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री आज़ाद अहमद सिद्दीकी, जल निगम उत्तराखंड के पूर्व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री चंद आर्य, ऑर्डिनेंस विभाग से जुड़े श्री वीरेंद्र सौंधी और श्री संतन सिंह, भारतीय वायु सेवा के पूर्व जेसीओ अधिकारी श्री सुरेश कुमार, शिक्षा विभाग के पूर्व अपर निदेशक श्री रघुनाथ लाल आर्य सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
इसके अलावा पूर्व सीडीओ विकास निगम श्री दिलीप चंद्र आर्य, गढ़वाल राइफल्स के पूर्व नायक सूबेदार श्री भरत लाल, उत्तराखंड पुलिस के पूर्व सब इंस्पेक्टर श्री रघुवीर लाल शाह, भारतीय सेना के सेवानिवृत्त नायब सूबेदार श्री भरत सिंह, वन विभाग के पूर्व डिप्टी रेंजर श्री वीरेंद्र सिंह और एसबीआई से सेवानिवृत्त श्री घनश्याम लाल टम्टा भी कांग्रेस में शामिल हुए। इनके साथ एसएसबी से जुड़े श्री सुचेंद्र सिंह खत्री और श्री नाथूराम सहित कई अन्य सम्मानित अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सभी नवप्रवेशी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि आज उत्तराखंड का अनुभवी, शिक्षित और जिम्मेदार वर्ग भाजपा की खोखली और जनविरोधी नीतियों से त्रस्त हो चुका है। सेवानिवृत्त अधिकारियों का कांग्रेस में शामिल होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश बदलाव चाहता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन सभी साथियों के अनुभव, ईमानदारी और प्रशासनिक समझ का पूरा सम्मान करेगी और संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। प्रशासनिक व्यवस्था की गहरी समझ रखने वाले ये अधिकारी प्रदेश में जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि आज देश में संविधान, लोकतंत्र और संस्थाओं पर संकट है और कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जो इन्हें बचाने के लिए निर्णायक संघर्ष कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी नवप्रवेशी अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि वे उत्तराखंड की जनता के अधिकारों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस के संघर्ष में पूरी निष्ठा और सक्रियता से भागीदारी निभाएंगे। कार्यक्रम का संचालन लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा ने किया। इस मौके पर अनुसूचित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मदनलाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, देहरादून से महापौर प्रत्याशी एवं प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल, सुरेंद्र अग्रवाल और प्रवीण त्यागी भी उपस्थित रहे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम उत्तराखंड में बड़े राजनीतिक परिवर्तन की आहट माना जा रहा है।