मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय उद्यान सर्किट हाउस, गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में माल्टा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए “माल्टा मिशन” शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से दिल्ली में भी उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों से लाए गए माल्टा और नींबू वर्गीय फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनसे तैयार उत्पादों का स्वाद भी लिया। उन्होंने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की परंपरा और पहचान से जुड़ा हुआ फल है और बागवानी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा मिशन के तहत उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य, नए बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर 70 से 80 प्रतिशत तक अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकना और युवाओं को गांव के आसपास ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में राज्य में माल्टा के साथ-साथ सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान विकसित किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर बनाकर उत्पादन और विपणन को सुदृढ़ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल के किसान हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे लगाए हैं और इस वर्ष 200 और पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस प्रकार की पहल करने का आह्वान किया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देकर किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले पांच वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार, सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न जनपदों से आए किसान उपस्थित रहे।