देहरादून स्थित लोक भवन में रविवार को आयोजित जन मिलन कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनके शीघ्र समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि जन मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कार्यक्रम में पौड़ी, अल्मोड़ा, ऊधमसिंहनगर और देहरादून जनपदों से आए कुल 12 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें भूमि विवाद, मुआवजा, रोजगार, विकास कार्यों में देरी और आर्थिक सहायता से जुड़े मामले शामिल थे। राज्यपाल ने शिकायत निवारण अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को भेजा जाए, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि कई बार समस्याएं छोटी और सामान्य होती हैं, लेकिन समय पर समाधान न मिलने से वे जटिल बन जाती हैं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर, नियमों के तहत और शीघ्र निस्तारण किया जाए।
इस अवसर पर पूर्व में आए कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि जन मिलन कार्यक्रम के दौरान सामने आए कई प्रकरणों का त्वरित समाधान किया गया है। भारतीय सेना में चयनित कुछ युवाओं को विश्वविद्यालय से समय पर डिग्री न मिलने के कारण सेना के साक्षात्कार में बुलाया नहीं जा रहा था। लोक भवन के हस्तक्षेप से मात्र तीन दिनों के भीतर संबंधित विश्वविद्यालय ने डिग्रियां उपलब्ध करा दीं। इसी प्रकार, तकनीकी कारणों से परीक्षा से वंचित एक छात्र को भी लोक भवन के पत्राचार के बाद परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई।
इन मामलों के समाधान से संबंधित युवाओं और उनके परिजनों ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव और शिकायत निवारण अधिकारी विनोद शाह भी उपस्थित रहे।