आईसीसी का बड़ा फैसला: दो दिन में निपटे एशेज टेस्ट पर भी पर्थ पिच को मिला टॉप ग्रेड!

पहले एशेज टेस्ट का केवल दो दिनों में समाप्त होना क्रिकेट जगत के लिए हैरानी का विषय रहा, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने पर्थ स्टेडियम की पिच को ‘बहुत अच्छी’ रेटिंग दी है। यह रेटिंग मैच रेफरी रंजन मदुगले ने जारी की। आईसीसी की चार-स्तरीय रेटिंग प्रणाली में ‘बहुत अच्छी’ सबसे ऊंचा ग्रेड है, जिसे तभी दिया जाता है जब पिच बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को बराबर मौका दे, उछाल संतुलित हो और सीम मूवमेंट सीमित रहे।

इस मुकाबले में पहले ही दिन 305 रन के भीतर 19 विकेट गिर गए थे, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड द्वारा दिए गए 205 रन के लक्ष्य को एक ही सत्र में हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। दो दिनों में कुल 1,01,514 दर्शक इस मैच को देखने के लिए पहुंचे, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ क्रिकेट जेम्स ऑलसोप ने कहा कि मैच का दो दिन में खत्म हो जाना उन दर्शकों के लिए निराशाजनक था, जिनके पास तीसरे और चौथे दिन के टिकट थे। लेकिन उन्होंने यह भी माना कि पर्थ की पिच ने बल्ले और गेंद के बीच शानदार संतुलन बनाया। उन्होंने कहा कि मैच की तेज रफ्तार और रोमांच ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। पिच ऐसी थी जिसने बल्लेबाजों की तकनीक की भी परीक्षा ली और तेज गेंदबाजों को भी पूरा फायदा दिया।

ऑलसोप के अनुसार, टेस्ट जल्दी खत्म होना पिच की समस्या नहीं, बल्कि दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन का परिणाम था। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों ने जिस लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की, उसने मुकाबले की दिशा तेजी से बदली। ऑलसोप का मानना है कि इस तरह का रोमांचक खेल न सिर्फ दर्शकों को आकर्षित करता है, बल्कि बच्चों को भी प्रेरित करता है कि वे क्रिकेट में अपना भविष्य बनाएं।

आईसीसी की सकारात्मक रेटिंग ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्थ की पिच चुनौतीपूर्ण जरूर थी, लेकिन अनुचित नहीं।

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