हांगकांग इन दिनों अपनी इतिहास की सबसे भयावह आग की घटना से जूझ रहा है। ताई पो के वांग फुक कोर्ट क्षेत्र में स्थित आठ बहुमंजिला आवासीय इमारतों में लगी आग ने शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इनमें से कई गंभीर रूप से झुलसे हैं और सात दमकलकर्मियों को भी चोटें आईं हैं।
घटना बुधवार की रात शुरू हुई, जिसके बाद दमकल विभाग ने तुरंत राहत और बचाव अभियान छेड़ा। चार इमारतों की आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि तीन इमारतों में अभी भी दमकल कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। एक टॉवर को सुरक्षित बताया गया है। आग सबसे ज्यादा 5वीं से 18वीं मंजिलों के बीच फैल गई थी, जिससे बचाव कार्य और भी मुश्किल हो गया। दमकल विभाग ने रातभर 13वीं और तीसरी मंजिल के बीच लगातार ऑपरेशन चलाया।
हांगकांग के अंग्रेजी दैनिक *द स्टैंडर्ड* की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग ने सुबह प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इस मामले में भवन निर्माण कंपनी के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर गैर-इरादतन हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो निदेशक और एक सलाहकार अभियंता शामिल हैं।
हांगकांग के मुख्य कार्यकारी जॉन ली का-चिउ ने कहा कि सरकार पूरी ताकत से राहत और बचाव में जुटी है। उन्होंने इसे एक “गंभीर मानवीय संकट” बताते हुए कहा कि प्राथमिकता आग पर काबू पाना, घायलों का इलाज और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। स्वास्थ्य सचिव लो चुंग-माऊ ने बताया कि कई लोगों की मौत दम घुटने से हुई, क्योंकि ऊपरी मंजिलों में धुआं तेजी से भर गया था।
रक्षा सचिव क्रिस टैंग पिंग-क्यूंग ने पुष्टि की कि जांच की दिशा आपराधिक कृत्य की ओर झुक रही है। तड़के तीन बजे तक अस्पताल पहुंचाए गए लोगों की संख्या 48 हो गई थी, जिनमें चार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने सुबह चार बजे फिर कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और जांच तेजी से जारी है।