इम्फाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मणिपुर की राजधानी इम्फाल में आयोजित एक बौद्धिक कार्यक्रम में कहा, “हिन्दू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी।” यह वक्तव्य उनके तीन दिवसीय मणिपुर दौरे के अंतिम दिन आया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में शांति, समरसता एवं एकता का संदेश देना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भागवत ने कहा:
“परिस्थिति आती है, चली जाती है। दुनिया के अनेक देशों पर नाना प्रकार की परिस्थितियाँ आईं और चली गईं। कुछ देश समाप्त हो गए – यूनान, मिस्र सब मिट गए। लेकिन भारत आज भी है और रहेगा, क्योंकि हमने अपने समाज का एक ऐसा बुनियादी नेटवर्क बनाया है जो हमें अमर बनाता है। हिन्दू समाज रहेगा। हिन्दू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी, क्योंकि यह ‘धर्म’ नाम की जो चीज़ है, उसका साक्षात्कार करके समय-समय पर विश्व को दिशा देना हिन्दू समाज का ईश्वर-प्रदत्त कर्तव्य है।”
उन्होंने हिन्दू समाज को विश्व की “मार्गदर्शक शक्ति” बताते हुए कहा कि यह समाज केवल अपनी रक्षा ही नहीं करता, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को धर्म, नैतिकता एवं संस्कृति का संदेश देता रहा है। ब्रिटिश साम्राज्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “जिस साम्राज्य में सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, उसका अस्त भी भारत में ही हुआ। 1857 से 1947 तक 90 वर्षों की लंबी संघर्ष-यात्रा में हमने स्वतंत्रता की आवाज को कभी दबने नहीं दिया।”
श्री भागवत 20 से 22 नवम्बर 2025 तक मणिपुर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने संघ के विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों का अवलोकन किया, स्थानीय बुद्धिजीवियों-कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा राज्य में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच शांति एवं समरसता का संदेश दिया। मणिपुर में मेइतेई एवं कुकी समुदायों के बीच संघर्ष के कारण अब तक 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं तथा लगभग 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं।