उत्तराखंड कवयित्री अवार्ड फेस्टिवल 2025: किन महिला रचनाकारों ने मचाई धूम? पूरी सूची पढ़ें

देहरादून। उत्तराखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को नया आयाम देते हुए उत्तराखंड कवयित्री अवार्ड फेस्टिवल 2025 का भव्य आयोजन रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब सभागार में संपन्न हुआ। प्रदेशभर से आई महिला कवयित्रियों ने ममता, प्रेम, श्रृंगार, रिश्ते, बेटी, परिवार और महिला-अस्तित्व जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी प्रभावशाली कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंच के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि श्री राघवेन्द्र ठाकुर द्वारा माँ शारदे की ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। सरस्वती वंदना का सुमधुर प्रस्तुतिकरण डॉ. वंदना खंडूड़ी ने किया। समारोह की अध्यक्षता मंच की उत्तराखंड इकाई की अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता जोशी ने की, जबकि प्रयागराज की वरिष्ठ कवयित्री डॉ. पूर्णिमा पांडेय, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह कंडारी, वरिष्ठ साहित्यकार हेमचंद्र सकलानी और कवयित्री महेश्वरी कनेरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह में मंच के संस्थापक राघवेन्द्र ठाकुर द्वारा संपादित पुस्तक “राष्ट्र गौरव ऑपरेशन सिंदूर” का लोकार्पण भी किया गया, जिसमें देशभर के 111 रचनाकारों की रचनाएँ प्रकाशित हैं।

इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में गढ़वाल एवं कुमाऊँ की प्रतिभाशाली कवयित्रियों को सम्मानित किया गया।
“उत्तराखंड डायमंड पोयट्री अवार्ड” से महेश्वरी कनेरी, आरती रावत पुण्डीर, डॉ. वंदना खंडूड़ी और डॉ. संगीता बिष्ट “कौमुदी” को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा “पवित्र सिंदूर सम्मान” तथा “उत्तराखंड गोल्डन पोयट्री अवार्ड” की विभिन्न श्रेणियों में कई प्रतिष्ठित कवयित्रियों और साहित्यकारों का अभिनंदन किया गया।

समारोह का संचालन कवयित्री आरती रावत पुण्डीर और मोनिका अरोड़ा ने किया, जबकि स्वागत शोभा पांडे “शोभन” ने किया।

कार्यक्रम के अंत में कवयित्रियों ने अपनी प्रभावशाली कविता-पाठ से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इस आयोजन ने न केवल महिला सृजनशीलता का सम्मान किया, बल्कि प्रदेश की साहित्यिक परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने का भी संदेश दिया।

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