सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। असम में अगले साल, 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए विशेष कवायद शुरू कर दी है। राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जुड़ी लंबित जटिलताओं के कारण स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लागू न कर पाने की स्थिति को देखते हुए आयोग ने यहां के लिए अलग रास्ता अपनाया है।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने सोमवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग ने असम की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्पेशल समरी रिवीजन (एसएसआर) की मंजूरी दे दी है। इसके तहत सामान्य एसआईआईआर की जगह एक नई और तेज प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मतदाता पात्रता की कट-ऑफ तारीख 1 जनवरी 2026 होगी। बीएलओ के माध्यम से
घर-घर सत्यापन शुरू होगा 22 नवंबर 2025 से। प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी 27 दिसंबर को। दावे-आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख 2 फरवरी 2026 तय की गई है।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 फरवरी को होगा।
सीएम हिमंत ने कहा है कि यह कवायद पूरी तरह पारदर्शी और समावेशी होगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने से वंचित न रहे और साथ ही मतदाता सूची में किसी तरह की अनियमितता भी न रहे।
असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव संभावित हैं।