बुंदेलखंड की रसोई की खुशबू एक बार फिर पूरे प्रदेश में फैल चुकी है। मौका है लोकप्रिय पाक कला प्रतियोगिता ‘बुंदेली शेफ सीज़न 3’ का, जिसने अपने पहले ही ऑडिशन में क्षेत्र की पारंपरिक पाक कला और महिलाओं के हुनर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य घरेलू महिलाओं को ऐसा मंच देना है, जहाँ वे अपनी कला को राष्ट्रीय पहचान दिला सकें।
इस बार के पहले ऑडिशन राउंड के लिए कुल 35 एप्लीकेशंस प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 प्रतिभाशाली महिलाओं ने भाग लिया। अपने हाथों के स्वाद और परंपरा के तड़के से उन्होंने जजों का दिल जीत लिया। इनमें से 7 महिला प्रतिभागी क्वार्टर फाइनल की रेस में पहुंची हैं।
इस आयोजन की एंकरिंग शिवांगी तिवारी (छतरपुर ब्यूरो, बुंदेलखंड 24×7) ने की। उन्होंने कहा, “जब कोई महिला अपनी रसोई से निकली खुशबू को दुनिया के सामने लाती है, तो वह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि अपनी पहचान परोसती है। बुंदेली शेफ इसी पहचान का जश्न है।”
प्रतियोगिता के जज पैनल में **बुंदेली शेफ सीज़न 1 की विजेता समिता, सीज़न 2 की विजेता ज़हीदा परवीन और आतिथ्य क्षेत्र में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेघना शर्मा शामिल हैं। ये तीनों जज स्वाद, प्रस्तुति और नवाचार के आधार पर प्रतिभागियों का कठोर मूल्यांकन कर रही हैं।
पहले ऑडिशन में जिन सात महिलाओं ने जजों का दिल जीता, उनमें छतरपुर की विभा अग्निहोत्री (बुंदेली अप्पे), सागर की कुंजिलता (दहीबड़े और थडुले), दीपिका बुंदेला (बुंदेली थाली), रश्मि ठाकुर (इटावा चाट), पारुल पाठक (पाव भाजी और फ्राइड राइस), ललितपुर की रुचि जैन (पनीर बर्फी) और झांसी की **स्वप्निल मोदी** (‘भवहा ककया की चटनी’) शामिल हैं। इन व्यंजनों ने न सिर्फ स्वाद का नया आयाम दिया बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर किया।
कार्यक्रम का दूसरा ऑडिशन 29 अक्टूबरको होगा, जिसमें प्रतिभागियों को 60 अंक स्वाद के, 15 अंक सफाई के, 15 अंक डेकोर के और 10 अंक प्रस्तुति के दिए जाएंगे। यानी कुल 100 अंकों की इस कसौटी पर प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा साबित करनी होगी।
इस आयोजन में कई संस्थाओं का सहयोग है। प्रतियोगिता को **रुद्राणी कलाग्राम** का सांस्कृतिक सहयोग मिला है, वहीं **उत्तर भारत की प्रसिद्ध पीआर एजेंसी ‘पीआर 24×7’** पीआर पार्टनर के रूप में जुड़ी है। इसके अलावा **‘एएफएफआई स्पोर्ट्स’** ट्रॉफी पार्टनर और **‘तारुका इको’** गिफ्टिंग पार्टनर हैं।
‘बुंदेली शेफ सीज़न 3’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक **सांस्कृतिक उत्सव** है—जहाँ रसोई में छुपे हुनर, परंपरा और आत्मनिर्भरता की कहानियाँ सामने आती हैं। यह कार्यक्रम उन महिलाओं को सम्मानित करता है जो अपने घर की रसोई से बुंदेलखंड की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही हैं।
यह मंच यह संदेश देता है कि **बुंदेलखंड का स्वाद अब सिर्फ थालियों में नहीं, बल्कि दिलों में भी बस चुका है।