धस्माना का आरोप—सरकार ने किसानों को बागवानी मिशन के नाम पर किया धोखा!

उत्तराखंड के सैकड़ों किसान “राष्ट्रीय बागवानी मिशन” के तहत शुरू किए गए एप्पल मिशन में सरकार से ठगा महसूस कर रहे हैं। **उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना** ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने किसानों की मेहनत और उम्मीदों के साथ खिलवाड़ किया है।

धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि राज्य के 545 किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजना के झांसे में आकर अपनी मेहनत की पूंजी और बैंक से कर्ज लेकर सेब के बाग लगाए थे। इस योजना में किसानों को केंद्र की 70 प्रतिशत और राज्य की 10 प्रतिशत सब्सिडी, यानी कुल 80 प्रतिशत सहायता राशि देने का वादा किया गया था। बाकी 20 प्रतिशत राशि किसानों ने खुद जमा की थी।

लेकिन, धस्माना के अनुसार, न तो किसानों को केंद्र और राज्य की सब्सिडी राशि दी गई और न ही उनकी जमा पूंजी वापस की गई। उन्होंने कहा कि कई किसानों ने पिछले **दो से पांच साल पहले बाग लगाए**, लेकिन अब तक एक रुपया तक नहीं मिला। फलस्वरूप किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं और उनकी बागवानी गतिविधियां ठप पड़ गई हैं।

धस्माना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कृषि और बागवानी विभाग किसानों की राशि को रोक कर बैठा है। उन्होंने बताया कि **किसानों के लगभग 42 करोड़ रुपये** बकाया हैं, जबकि सीबीआई जांच सिर्फ विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की हो रही है, किसानों की नहीं। बावजूद इसके, सरकार किसानों को उनका हक नहीं दे रही।

कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने शीघ्र किसानों की राशि जारी नहीं की, तो **कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।**

उन्होंने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार एक तरफ किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है और दूसरी ओर उन्हीं किसानों की मेहनत की कमाई दबाए बैठी है। यह केवल आर्थिक शोषण नहीं बल्कि किसानों के साथ खुला विश्वासघात है।”

धस्माना ने मुख्यमंत्री से मांग की कि एप्पल मिशन से जुड़े सभी किसानों को तत्काल उनकी देय राशि जारी की जाए और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

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