12 करोड़ की जीएसटी चोरी के बड़े घोटाले का पर्दाफाश, दो व्यापारी भाइयों की गिरफ्तारी; जांच में और खुलासे की उम्मीद
गुवाहाटी। असम के राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने एक सनसनीखेज कार्रवाई में 12 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस घोटाले के मुख्य आरोपी दो व्यापारी भाई—विनय अग्रवाला और उज्जवल कुमार अग्रवाला—को गिरफ्तार कर लिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला फर्जी जीएसटी इनवॉइस और बोगस फर्मों के जरिए सरकारी खजाने को चूना लगाने का है, जो असम के व्यापारिक हलकों में हड़कंप मचा रहा है।
फर्जी बिलिंग का जाल: कैसे हो रही थी चोरी?
जीएसटी विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों ने ‘बी.के. एंटरप्राइजेज’ नामक एक काल्पनिक फर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी खरीद-बिक्री के दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दुरुपयोग करने के लिए किया जा रहा था, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोटाला असम के तिनसुकिया और गुवाहाटी क्षेत्रों तक सीमित नहीं था, बल्कि संभवतः अन्य राज्यों के फर्जी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “ये आरोपी फर्जी इनवॉइस के जरिए आईटीसी क्लेम कर रहे थे, जो जीएसटी सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने का एक सुनियोजित प्रयास था। हमने अब तक 12 करोड़ रुपये की चोरी का आंकड़ा पकड़ा है, लेकिन पूछताछ से और आंकड़े सामने आ सकते हैं।”
यह मामला हाल ही में असम में उजागर हुए अन्य जीएसटी घोटालों—जैसे सितंबर 2025 में तिनसुकिया से जुड़े 1 करोड़ के फर्जी इनवॉइस रैकेट—की याद दिला रहा है, जहां स्थानीय फर्मों ने इसी तरह का जाल बिछाया था।
छापेमारी और गिरफ्तारी की पूरी कहानी
घटना की शुरुआत करीब एक सप्ताह पहले हुई, जब तिनसुकिया जिले के माकुम क्षेत्र में उज्जवल अग्रवाला के ठिकानों पर जीएसटी विभाग की टीम ने छापा मारा। छापे के दौरान फर्जी दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट जब्त किए गए। उज्जवल फरार हो गया था, लेकिन विभाग की खुफिया टीम ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली। आज सुबह गुवाहाटी के बेलतला क्षेत्र के अंकुर पथ इलाके में छिपे होने की टिप पर पुलिस और जीएसटी की संयुक्त 10 सदस्यीय टीम ने धावा बोल दिया। उज्जवल को हिरासत में ले लिया गया। इसी क्रम में, उज्जवल के भाई विनय अग्रवाला को गुवाहाटी के उलुबाड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। विनय को पहले 3 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का समन जारी किया गया था, लेकिन वह समन की अनदेखी करता रहा। विभाग ने उनके खिलाफ जीएसटी एक्ट की धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया है, जो कर चोरी और फर्जीवाड़े के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है।
जांच का दायरा बढ़ा: अन्य फर्मों पर नजर
गिरफ्तारी के बाद दोनों भाइयों से पूछताछ तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, विनय और उज्जवल से जुड़ी अन्य फर्मों—जैसे तिनसुकिया और गुवाहाटी में रजिस्टर्ड कुछ छोटी-मोटी इकाइयों—की जांच चल रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क असम के बाहर, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों में फैला हो सकता है। इसके अलावा, उनके बैंक खातों, ई-वे बिल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल की स्क्रूटनी की जा रही है। अधिकारी ने कहा, “यह सिर्फ दो व्यक्तियों का मामला नहीं है। हम पूरे चेन को तोड़ने के लिए अन्य संदिग्धों की पहचान कर रहे हैं। अगर कोई अन्य फर्म या व्यक्ति इसमें लिप्त पाया गया, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।” असम जीएसटी विभाग ने हाल के महीनों में कई ऐसे घोटालों का पर्दाफाश किया है, जिसमें अगस्त 2025 में गुवाहाटी यूनिट ने 500 करोड़ के पैन-इंडिया फ्रॉड में चार गिरफ्तारियां की थीं। ये घटनाएं जीएसटी सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दे रही हैं।व्यापारिक हलकों में हलचल, सरकार का संकल्पइस गिरफ्तारी ने असम के व्यापारिक समुदाय में चिंता की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय व्यापार संगठनों ने विभाग से अपील की है कि ईमानदार व्यापारियों पर कोई असर न पड़े। वहीं, असम सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कर चोरी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा, “ऐसे अपराधी अर्थव्यवस्था की रीढ़ को कमजोर करते हैं। हम न केवल टैक्स वसूलेंगे, बल्कि दंड भी सुनिश्चित करेंगे।