भारतीय संस्कृति में **करवा चौथ** या **करक चतुर्थी** का व्रत पति-पत्नी के बीच प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस व्रत को मुख्य रूप से **कार्तिक कृष्ण चतुर्थी** को रखा जाता है। इस वर्ष करवा चौथ की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी कि व्रत **9 अक्टूबर या 10 अक्टूबर** को रखा जाए।
ज्योतिषाचार्य **पं. उज्ज्वल पंडित** के अनुसार, करवा चौथ की तिथि का निर्णय **श्री गणेश चतुर्थी व्रत** पर आधारित है। शास्त्रानुसार यदि चतुर्थी में चंद्रोदय तिथि के समय नहीं हो, तो अगले दिन को व्रत के लिए ग्रहण करना चाहिए।
इस साल 9 अक्टूबर को **तृतीया तिथि** रात 10.55 बजे तक रहेगी और चंद्रोदय लगभग 7.15 से 8 बजे के बीच होगा। वहीं, 10 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि सांय 7.39 बजे तक रहेगी और चंद्रोदय इसके बाद होगा। यानि दोनों दिन चतुर्थी तिथि चंद्रोदय से नहीं जुड़ रही है।
इसलिए **धर्मसिन्धु** के निर्णयानुसार इस वर्ष **करवा चौथ व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार** को ही रखा जाएगा। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए उपवास और पूजन करेंगी।