राज्य स्थापना दिवस पर उत्तरकाशी में साहित्यकारों का समागम, होगी नई पुस्तकों का विमोचन

उत्तराखंड राज्य स्थापना के **रजत जयंती वर्ष** पर उत्तरकाशी जिले में स्थानीय साहित्यकारों के सम्मान और साहित्यिक रचनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से **“सूचना क्रांति के युग में साहित्यिक विमर्श”** विषय पर एक भव्य **जनपदीय साहित्यकार समागम** आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम **नवंबर के प्रथम सप्ताह** में **जिला प्रेक्षागृह उत्तरकाशी** में होगा।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी **के.के. जोशी** ने बताया कि यह पहल जिलाधिकारी **प्रशांत आर्य** की प्रेरणा से की जा रही है। इस आयोजन का उद्देश्य जिले के साहित्यिक योगदान को नई पहचान देना और समकालीन समय में साहित्य की भूमिका पर सार्थक विमर्श करना है।

समागम में **उत्तरकाशी जिले के स्थायी निवासी साहित्यकारों** को शामिल किया जाएगा। इसके लिए प्रतिभागियों को **ऑनलाइन पंजीकरण** करना अनिवार्य है। पंजीकरण हेतु जिला प्रशासन की ओर से  लिंक जारी की गई है। आवेदन करने की **अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2025** निर्धारित की गई है। इस तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान साहित्यकारों की **नई पुस्तकों का विमोचन** किया जाएगा और जिले के चुनिंदा लेखकों को उनकी **साहित्यिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित** भी किया जाएगा। पुस्तक विमोचन के इच्छुक साहित्यकारों को पंजीकरण लिंक पर अपनी पुस्तक का नाम और विवरण अपलोड करना होगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन स्थानीय रचनाकारों को मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे **डिजिटल युग में साहित्य की भूमिका, अभिव्यक्ति के नए माध्यम और सामाजिक चेतना में साहित्य की जिम्मेदारी** जैसे विषयों पर विचार साझा करेंगे।

यह समागम उत्तरकाशी के सांस्कृतिक और साहित्यिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है।

 

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