देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) ने आज हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंक सुधार परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित कर दिए। इस परीक्षा के नतीजों ने राज्य के बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के प्रावधानों के तहत छात्रों को असफल होने पर एक और अवसर दिया जाता है ताकि वे अपने भविष्य को संवार सकें।
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल में 81.38% और इंटरमीडिएट में 76.27% छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की। इसके साथ ही, 2025 के बोर्ड परिणामों में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। हाईस्कूल का कुल परिणाम 90.77% से बढ़कर 95.17% हो गया, जबकि इंटर का कुल परिणाम 83.23% से बढ़कर 89.53% तक पहुंच गया।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल में 6657 और इंटरमीडिएट में 9154 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें मुख्य परीक्षा में सफल और असफल दोनों तरह के छात्र शामिल थे। 4 से 11 अगस्त तक राज्यभर में 97 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं।
डॉ. रावत ने यह भी बताया कि वर्ष 2024 के छात्रों के लिए तृतीय और अंतिम अंक सुधार परीक्षा भी आयोजित हुई थी, जिसमें हाईस्कूल का रिजल्ट 65.79% और इंटर का 60.48% रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को पास होने के लिए तीन मौके दिए जाते हैं। 2025 के छात्रों के लिए यह पहला अवसर था जबकि 2024 बैच के लिए यह अंतिम मौका था।
शिक्षा मंत्री ने छात्रों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि यह परीक्षा केवल एक अवसर नहीं बल्कि आत्मविश्वास और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा –
“हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मुख्य परीक्षा में अनुर्तीण रहे छात्र-छात्राओं को एक और अवसर दिया गया था। इन विद्यार्थियों ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश के शैक्षणिक माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है।”
यह परिणाम प्रदेश की शिक्षा प्रणाली के लिए प्रेरणादायक है और यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, नीति और अवसर मिलने पर विद्यार्थी असंभव को भी संभव बना सकते हैं।
Uk board ank sudhara pariksha 2025 ke