देहरादून। उत्तराखंड महिला मंच ने राज्य में हाल ही में सामने आए परीक्षा लीक प्रकरण और बेरोज़गारी को लेकर युवाओं के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। मंच ने यह भी मांग उठाई कि जिन परिवारों में किसी भी सदस्य के पास स्थाई रोजगार नहीं है, उन्हें 3,000 से 5,000 रुपये प्रति माह रोजगार भत्ता दिया जाए।
आज महिला मंच की कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी युवा आंदोलन समर्थक संगठनों के साथ मिलकर इस आंदोलन को राज्य स्तरीय सुसंगठित और सुव्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा। बैठक में यह भी प्रस्तावित किया गया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और युवाओं की मांगों को गंभीरता से लिया जाए।
कार्यकारिणी के निर्णय के तहत महिला मंच और अन्य संघर्षरत संगठनों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलने जाएगा। प्रतिनिधि मंडल परीक्षा की सीबीआई जांच और शीघ्र पुनः परीक्षा आयोजित कराने की मांग जोरदार तरीके से उठाएगा।
मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा, “परीक्षा लीक प्रकरण ने साबित कर दिया कि व्यवस्था युवाओं के साथ धोखा कर रही है। आंदोलनरत युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग लोकतंत्र पर कुठाराघात है।” उन्होंने परीक्षाओं को पारदर्शी और तकनीकी सुरक्षा के साथ पुनः आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जिला संयोजक निर्मला बिष्ट ने बेरोज़गार युवाओं के आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार की लड़ाई बताया और कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज़ और मांग को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी करने की भी मांग की।
उत्तराखंड महिला मंच ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं का भविष्य लूटा गया, तो यह आंदोलन केवल सड़कों या विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में भी अपनी गूँज बनाएगा। मंच ने युवाओं और परिवारों के हक़ की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया।